रायबरेली। दो विभागों की तनातनी में आम जनता पिसती है। ताजा उदाहरण अपने ही शहर में देखने को मिलता है। शहर के सिविल लाइंस चौराहे से पीएसी तक सड़क चौड़ीकरण का काम लोक निर्माण विभाग और पावर कॉर्पोरेशन के बीच खींचतान के चलते शुरू नहीं हो पाया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद लोक निर्माण विभाग अब हरकत में आया है। लोक निर्माण विभाग ने सोमवार से चौड़ीकरण की सीमा तय करने की तैयारी कर ली है। अब तक सीमा तय नहीं हो पाने से खंभे हटाने का काम लटका पड़ा था।
सिविल लाइंस चौराहा से पीएसी तक दो किमी. अक्सर जाम लगता है। इस मार्ग पर कई सरकारी और निजी विद्यालय हैं। कई सरकारी विभाग भी है। जाम की समस्या से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग ने सात मीटर की जगह सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने की कार्ययोजना छह महीने पहले तैयार की थी। शासन से स्वीकृति और बजट भी मिल गया। मौजूदा समय में सड़क किनारे बिजली के खंभे लगे हैं। इस वजह से अब तक सड़क का चौड़ीकरण शुरू नहीं हो पाया है।
लोक निर्माण विभाग ने तीन करोड़ रुपया पावर कॉर्पोरेशन को देकर बिजली के पोल दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही थी। होते करते काफी समय बीत गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन सड़क चौड़ीकरण का कार्य चालू नहीं हो सका है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चौड़ीकरण में 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सोमवार को सड़क चौड़ीकरण की सीमा तय करने का काम शुरू होगा। बिजली के खंभे हटने के बाद चौड़ीकरण काम शुरू कराया जाएगा।