लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ व स्वामी विवेकांनद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ के संयुक्त प्रयास से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘’पालि भारत की शास्त्रीय भाषा एशिया की सांस्कृतिक एकता’’ विषय पर कार्यक्रम हुए। संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि मेरठ में हुए कार्यक्रम में भारत सहित कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम, म्यांमार, श्रीलंका, यूनाइटेड किंगडम (यूके) के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सहभागिता की। सम्मेलन का उद्देश्य पालि भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के उपरांत उसके शैक्षणिक, सांस्कृतिक और वैश्विक महत्व पर व्यापक एवं गंभीर विमर्श करना था। इस दौरान देश की संस्कृति को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।