अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग ने सिस्टम से आहत होकर आत्महत्या कर ली। एक पखवारे के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत नाबालिग ने पुलिसकर्मियों को इसकी चेतावनी दी थी। पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया तो उसने बुधवार को घर में दुपट्टे का फंदा बनाकर जान दे दी।
थाना क्षेत्र मालीपुर आत्महत्या करने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोकते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। उन्हें समझाने के लिए डीएम सैमुआल पॉल को आना पड़ा। उन्होंने थाना प्रभारी मालीपुर चंद्रभान यादव को लाइन हाजिर करने और विवेचक प्रमोद खरवार को निलंबित करने की घोषणा की, तब जाकर आक्रोश कम हुआ।
डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम भी बनाई है। पिता ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने के लिए डीएम को तहरीर दी है। गौरतलब है कि 14 वर्षीय बच्ची का 16 सितंबर को अपहरण हो गया था। 18 को वह किसी तरह भागकर घर पहुंची। एक आरोपी का नाम लेने के बावजूद पुलिस ने अज्ञात पर गैंगरेप व पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया था।