लखनऊ। निराला नगर में आयोजित हस्तशिल्प मेला में सोमवार को बुनकर शिल्पियों के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस दौरान चंदेरी के पुरस्कृत बुनकर आशाराम अहिरवार, अनीस मोहम्मद और अफरोज जहां ने जरी बटुआ कारीगरों से अपने अनुभव साझा किए। मेला प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि शिल्पियों को रोजगार मूलक बनाने के लिए इस तरह की कार्यशाला जरूरी है। आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में हस्तशिल्प कारीगरी का भी अहम योगदान है। कार्यशाला का आयोजन मध्य प्रदेश हस्तशिल्प हथकरघा विकास निगम की ओर से हुआ।