श्रावस्ती। जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी के घटते बढ़ते जलस्तर के साथ ही राप्ती नदी के तट पर ग्रामीणों की धड़कने भी बढ़ रहा थी। इसी के साथ बढ़ती जा रही थी लोगों की दुश्वारी। राप्ती नदी की उग्र लहरें वेग के साथ जमुनहा तहसील सहित अपने तट पर बसे गांव की ओर बढ़ रही थी। शनिवार शाम होते होते जमुनहा तहसील, ब्लाॅक, मल्हीपुर सीएचसी सहित कई गांव पानी से घिर गए। रात होते होते राप्ती की लहरें मल्हीपुर भंगहा मार्ग पार कर शिकारी गांव को जलमग्न कर दिया। इसके बाद अशरफ नगर सहित एक के बाद एक करीब 32 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। रविवार की भोर कछार वासियों सहित तराई वासियों के लिए मुसीबत लेकर आई। राप्ती का पानी मुख्य व संपर्क मार्ग सहित खेत खलिहान व गांव को जलमग्न करता हुआ लोगों के घरों में प्रवेश कर गया। जान बचाने के लिए लोग घरों की छतों तथा मुख्य मार्ग की पटरियों सहित बाढ़ राहत चौकी पहुंच गए। जिन्हें अब मोटर बोट से लंच पैकेट आदि पहुंचाया जा रहा है। संवाद