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Lucknow News: नाटक भूसा ने उठाए अंधविश्वास पर तीखे सवाल

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नाटक भूसा ने उठाए अंधविश्वास पर तीखे सवाल
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लखनऊ। रंगयात्रा, लखनऊ ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में डॉ. हरिओम लिखित कहानी ''भूसा'' का मंचन किया। यह नाटक समाज में तर्क की जगह अंधविश्वास को चुनने की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और उप्र. संस्कृति विभाग ने इसमें सहयोग किया। नाटक का नाट्य रूपांतरण, परिकल्पना और निर्देशन ज्ञानेश्वर मिश्र ''ज्ञानी'' ने किया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व साहित्यकार परसार्थी सेन शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। नाटक गांव लौटे एक युवा डॉक्टर और झाड़-फूंक करने वाले प्रधान के बीच टकराव को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करता है। एक गाय की मौत के बाद ग्रामीण वैज्ञानिक सोच को नकारते हुए डॉक्टर के भूसे को दोषी ठहराते हैं। अंततः अंधविश्वास जीत जाता है और तर्क हार जाता है। मंच पर कोमल प्रजापति, योगेंद्र पाल, अभय सिंह रावत सहित कई कलाकारों ने शानदार अभिनय किया।

नाटक भूसा ने उठाए अंधविश्वास पर तीखे सवाल

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