फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: आम महोत्सव में घुला कविताओं का रस, तंज का तड़का भी लगा

Sun, 06 Jul 2025 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
कुमार विश्वास ने कविताओं के साथ ही राजनीतिक पार्टियों की खूब चुटकी भी ली।
विज्ञापन
लखनऊ। अवध शिल्पग्राम में चल रहे आम महोत्सव के दूसरे दिन कविताओं के रस के साथ तंज का तड़का भी लगा। कुमार विश्वास ने इस मौके पर कविताओं के साथ ही राजनीतिक पार्टियों की खूब चुटकी भी ली। उन्होंने एक पार्टी की ओर इशारा करते हुए कहा कि बहुत वर्षों बाद आज मैं किसी आम महोत्सव से जुड़ा हूं। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि मैं ऐसे भंडारे में गया था जहां न तो पूड़ी मिली और जब बाहर आया तो चप्पल भी चोरी हो गईं। आम महोत्सव के दौरान सजी सांस्कृतिक संध्या में कुमार विश्वास ने कविता सुनाई - कोई खामोश है इतना तराने भूल आया हूं...। इसके बाद पढ़ा- स्वयं से दूर हो तुम भी स्वयं से दूर हैं हम भी, बहुत मशहूर हो तुम भी बहुत मशहूर हैं हम भी। उन्होंने अपनी मशहूर रचना कोई दीवाना कहता है कोई पागत समझता है... जब सुनाई तो पूरा पंडाल तालियाें से गूंज उठा। हास्य कवि सुदीप भोला ने अपनी पैरोडियों से श्रोताओं को खूब हंसाया। इसके अलावा कवि दिनेश बावरा ने भी अपनी रचनाओं से हंसी की खूब फुलझड़ी छोड़ी तो वहीं कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने शृंगार रस की कविताओं से खूब वाहवाही लूटी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें