लखनऊ। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित दो दिवसीय चित्रकला शिविर के अंतिम दिन कलाकारों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और रामायण के प्रसंगों को कैनवास पर उकेरा। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कैसरबाग स्थित लाल बारादरी में आयोजित शिविर में मोहन मावा ने रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि बनने की यात्रा को चित्रित किया। विनीत कुमार पांडेय ने क्रौंच पक्षी की घटना को दर्शाया। नेहा कुमारी, सिद्धार्थ देव और अश्वनी कुमार ने भी रामायण के विभिन्न प्रसंगों को चित्रों में जीवंत किया।