सत्यम हॉस्पिटल के खिलाफ जांच में पीड़ित पिता का बयान दर्ज
पीड़ित बोला, बयान पर नहीं सिर्फ प्रोफार्मा पर कराए गया हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब के आदेश पर सत्यम हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित करने के बाद शुरू हुई उच्च स्तरीय जांच में बृहस्पतिवार को मृत नवजात राघव के पिता का बयान दर्ज किया गया। पीड़ित ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया सभी आरोपी डॉक्टर को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। इसके चलते ही जांच टीम में शामिल एक सदस्य ने यहां तक कहा कि इसमें डॉक्टर की कोई गलती नहीं है।
इतना ही नहीं पीड़ित का आरोप है कि बयान दर्ज करने के बाद कागज पर भी उसके हस्ताक्षर नहीं कराए गए। बस एक प्रोफार्मा पर साइन कराने के उसे घर जाने को कह दिया गया। लालगंज क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार शर्मा के दो माह के बेटे राघव का बायां हाथ शहर के इंदिरा नगर स्थित सत्यम हॉस्पिटल में इलाज के बाद सड़ गया था। एम्स में ऑपरेशन के बाद सात जुलाई को उसका संक्रमित हाथ तक काटना पड़ा था लेकिन इसके बावजूद नवजात की जान नहीं बचाई जा सकी थी।
मामले में डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना भी चल रही है। मामले में तीन सदस्यीय टीम भी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। इसके बाद ही पीड़ित के पिता की शिकायत के बाद मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच करते हुए सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित करने का आदेश दिया था।
बृहस्पतिवार को पीड़ित सुरेंद्र शर्मा को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया। कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम कार्यालय में उनका बयान दर्ज किया गया। पीड़ित का आरोप है कि जिस तरह से जांच के नाम पर खानापूर्ति चल रही है, उससे न्याय पाने की कोई उम्मीद नहीं बची है। बयान दर्ज कराते समय भी जांच अधिकारी उसे मामला खत्म करने का दबाव बनाने दिखे। दूसरी तरफ एडीएम वित्त एवं राजस्व पूजा मिश्रा का कहना है कि पीड़ित पिता सुरेंद्र के साथ ही सत्यम हॉस्पिटल के चिकित्सक व अन्य लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने पीड़ित के आरोप को खारिज करते हुए बताया कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है।