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Lucknow News: इंसाफ की उम्मीद धूमिल, मदद के नाम पर नहीं मिली फूटी कौड़ी

Sun, 30 Jul 2023 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। दो माह का नवजात राघव घर का इकलौता चिराग था। बेटे की जुदाई परिजनों का कलेजा चीर रही है। घर के बाहर कोई बच्चा रोता है तो मां शुक्ला देवी को लगता है कि कहीं राघव न रो रहा हो। बेटे को याद करके मां ही नहीं, अन्य परिजन गमगीन हो जाते हैं। बेटे की मौत को 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाया है और न ही मदद के नाम पर कोई फूटी कौड़ी मिल पाई है। चाहे फिर जिला प्रशासन के अधिकारी हो या फिर जनप्रतिनिधि, पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे नहीं आए हैं। इसको लेकर पीड़ित में परिवार में गहरी नाराजगी है।
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शहर के इंदिरा नगर स्थित सत्यम हॉस्पिटल में इलाज के बाद बीती आठ जुलाई को दो माह के नवजात राघव की एम्स में हाथ काटे जाने के बाद मौत हो गई थी। बच्चे की मौत के बाद से अब तक पूरे प्रकरण में सत्यम हॉस्पिटल का लाइसेंस को निलंबित किया जा चुका है तो मंडलायुक्त के आदेश पर डीएम ने उच्च स्तरीय जांच के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व पूजा मिश्रा और सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह की कमेटी गठित की है। साथ ही मृतक राघव के पिता सुरेंद्र शर्मा ने सदर कोतवाली में हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ इलाज में लापरवाही बरतने पर बच्चे की मौत होने का केस दर्ज कराया है। चर्चित प्रकरण को लेकर जिस तरह सुस्त गति से जांच चल रही है, उससे नहीं लग रहा है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा।
उधर, राघव की मौत के बाद से पीडि़त परिवार गमगीन है और कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठा रहा है। पिता कहते हैं कि राघव के जन्म से परिवार में खुशियां थी। वह घर का इकलौता चिराग था। उसकी बड़ी बहन राधिका (७) है। फर्नीचर का काम करके किसी तरह परिवार चलाता हैं। बच्चे के इलाज में काफी पैसा खर्च किया। बच्चे की मौत के बाद फर्नीचर का व्यवसाय ठीक तरीके से नहीं चल पा रहा है। ऐसे में परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है। किसी ने मदद के नाम पर कुछ नहीं किया है। बच्चे की मौत के बाद मामले में लीपापोती की जा रही है। लगता नहीं है कि मामले में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई हो पाएगी। गमगीन मां कहती है कि राघव के आने से घर में खुशियां थी, लेकिन हॉस्पिटल में बरती गई लापरवाही से उनके बच्चे की मौत हो गई। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
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