मंत्री नरेंद्र कश्यप को ज्ञापन देते समाज के लोग। अमर उलाला
लखनऊ। मूलवासी कश्यप निषाद गोंड जन उत्थान समिति के तत्वावधान में गोंड समाज और उससे जुड़ी उपजातियों के अधिकारों पर सम्मेलन का आयोजन सोमवार को दारुलसफा ब्लॉक कॉमन हॉल में किया गया। उपजातियों धुरिया, गोंडिया, सुरहिया, रैकवार, बाथम, कहार आदि को अनुसूचित जनजाति में शामिल किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। मुख्यमंत्री के माध्यम से केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की गई है। सम्मेलन में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने समाज के लोगों से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया। वहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजनाथ रावत ने कहा कि गोंड उपजातियां अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने की हकदार हैं और इस दिशा में केंद्र स्तर पर प्रयास जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सतीश कुमार कश्यप ने की। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
मंत्री नरेंद्र कश्यप को ज्ञापन देते समाज के लोग। अमर उलाला