ऊंचाहार (रायबरेली)। रोहनिया ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय मवई में शनिवार को गैस सिलिंडर में रिसाव से आग लग गई थी। इस मामले में सीएचसी में इलाज करा रही रसोइया ने हादसे की हकीकत बयान की। बताया कि शिकायत के बावजूद पुराने गैस चूल्हे पर ही खाना बनावाया जा रहा था। चूल्हे की खराबी व पुरानी पाइप से हादसा हुआ। घटना के समय स्कूल में 96 बच्चे भी मौजूद थे। वहीं, प्रधानाध्यापक ने रसोइया की बात से साफ इंकार कर दिया है।
प्राथमिक विद्यालय मवई में शनिवार को खाना बनाते समय गैस सिलिंडर के रिसाव के चलते आग लग गई थी। जिसमें स्कूल की रसोइया आशा देवी झुलस गई थी। उनका हाथ व चेहरा हादसे में झुलस गया था। रविवार को घटना की बाबत रसोइया से बात की गई। उन्होंने बताया कि खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा जलाया तो वह भभकने लगा। गैस बराबर नहीं निकल रही थी, तीसरी बार जलाने पर धीमी आंच जली। उसकी लौ देखने के लिए वह झुकीं तभी अचानक चूल्हे से पाइप निकल गई और कमरे में गैस के साथ आग फैलने लगी। वह झुलसने के बाद पीछे गिर पड़ीं। उनके शोर मचाने पर कमरे के बाहर काम कर रही साथी रसोइया कुसुम वहां आईं और उन्हें खींचकर बाहर किया।
बातचीत में उन्होंने बताया कि लगभग तीन वर्ष पहले गैस कनेक्शन के समय स्कूल के तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने नए सिलिंडर के साथ पुरानी पाइप व पुराना चूल्हा दिया था। चूल्हा सही काम नहीं कर रहा था। पाइप पुरानी होने के चलते ढीली हो गई थी। बदलने के लिए स्कूल के शिक्षकों से कहा लेकिन नहीं बदली गई। इस बाबत स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गैस सिलिंडर व चूल्हा उनके समय का दिया नहीं है। रसोइया ने कभी चूल्हा व पाइप खराब होने की बात नहीं बताई और बदलने को भी नहीं कहा।
अग्निशमन यंत्र में लगा जंग
स्कूलों में आग बुझाने के लिए रखे अग्निशमन यंत्र महज शोपीस बनकर रह गए हैं। स्कूल की रसोइया के मुताबिक आग बुझाने के लिए रखा अग्निशमन यंत्र पुराना हो गया है। उसके सिलिंडर की हैंडिल में जंग लगी है। जिसके चलते वह दबाने से दबता नहीं है। रसोइयों को उसे चलाने का प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया। घटना के समय यंत्र रसोई में ही रखा था। वहीं, इस बाबत रोहनिया बीईओ सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि अग्निशमन यंत्र कुछ समय पहले ही रिफिल कराए गए हैं। जंग लगने की बात गलत है।