लखनऊ। गोमती नगर स्थित यूपीएल स्टूडियो में रविवार को जावेद सिद्दीकी की कहानी मसीता पर एकल नाट्य प्रस्तुति हुई। वरिष्ठ रंगकर्मी गौतम सिद्धार्थ ने अपने दमदार अभिनय से साधारण इंसान के असाधारण संघर्ष को जीवंत किया। मसीता एक गरीब और हाशिये पर जी रहे व्यक्ति की कहानी है। वह नौकरशाही और लालफीताशाही के जाल में फंसकर अपनी पहचान साबित करने के लिए संघर्ष करता है। इस नाट्य प्रस्तुति में रंगकर्मी गौतम सिद्धार्थ के भाव, संवाद और सहज प्रस्तुति ने पात्र की पीड़ा और बेबसी को सजीव बना दिया। नाटक की मार्मिक कहानी और अभिनय ने दर्शकों को कई बार रुआंसा कर दिया। जावेद सिद्दीकी हिंदी-उर्दू साहित्य और सिनेमा के चर्चित लेखक हैं। उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों, कहानियों और नाटकों की रचना की है। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, डर, बाजीगर, राजा हिंदुस्तानी जैसी फिल्मों के साथ उन्होंने तुम्हारी अमृता जैसे चर्चित नाटक भी लिखे हैं।