रायबरेली। शहरवासियों को बारिश में जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका की ओर से नालों की साफ-सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। अफसर बारिश से पहले सभी नालों की सफाई करने का लक्ष्य रखा है। एक जून को अमर उजाला ने बरसात में जलभराव से जूझेगी शहर की ढाई लाख आबादी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। नगर पालिका के अधिकारियों ने खबर को संज्ञान में लिया और नालों की सफाई कराने का कार्य शुरू कराया। शहर क्षेत्र में नालों की संख्या 99 है।
मानसून की दस्तक जल्द होने वाली है। जून माह एक सप्ताह बीत चुका है। बावजूद नालों की सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अमर उजाला की खबर प्रकाशित होने के बाद नालों पर सफाई का कार्य तेजी से शुरू कराया गया है। नाला सफाई में दो टीमेंं लगाई गई हैं। एक टीम में 12, जबकि दूसरी टीम में छह कर्मचारी शामिल हैं। चार जेसीबी और एक पोकलैंड नाला सफाई में लगाई गई है। नाला सफाई पर 10 लाख रुपये का बजट खर्च होगा।
इनसेट
इन नालों की होगी सफाई
मछली मंडी, शिवाजी नगर का नाला, कप्तान का पुरवा, बरवारीपुर, मलिकमऊ गांव, गोरा बाजार चौराहा, खतराना रोड, रतापुर चौराहा, स्वराज नगर, ,कानपुर रोड, अयोध्यापुरी का नाला, बड़ा कुआं एनआईसी स्कूल के पीछे छोटा नाला, इंदिरा नगर, पुलिस लाइंस रोड नाला, आजाद नगर से डबल फाटक का नाला, जोशियाना पुल, खालीसहाट, जिला अस्पताल चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा से फायर स्टेशन का नाला, कैलाशपुरी, रामकृपाल चौराहा से मधुबन क्रासिंग तक का नाला
नगर पालिका की ओर से नाला की सफाई दो तरह से कराई गई है। पहले नाला सफाई की शुरुआत नाला जहां जाकर समाप्त होता है, वहां से सफाई कराई जाती है। ताकि मोहल्ले में रहने वाले नागरिकों को सफाई के दौरान परेशानी न जूझना पड़े। दूसरी तरह शहर के अंदर नालों की सफाई कराई जाती है। अधिकारियों का मानना है कि लोगों को परेशानी को देखते हुए दो तरह से नाला की सफाई कराई जा रही है।