पुलिस गिरफ्त में आया उमेश मिश्रा।
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सीतापुर जिला अस्पताल में एंबुलेंस के सामने खड़ी कार को हटाने को लेकर हंगामा करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने हरदोई से गिरफ्तार कर लिया है। विवाद के कारण समय से इलाज न मिलने से एंबुलेंस में ही मरीज की मौत हो गई थी। इस पूरे विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर कोतवाली इलाके के दुर्गापुरवा निवासी जयकिशन राठौर के बहनोई अधिवक्ता सुरेश चंद्र राठौर एक अप्रैल को अचानक बीमार हो गए थे। उन्हें जिला अस्पताल जे जाया गया। चिकित्सक ने हालत गंभीर बताकर केजीएमयू रेफर कर दिया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लखनऊ ले जाने के लिए अस्पताल से निकल रहे थे लेकिन रास्ते में एक कार खड़ी थी। इसके कारण एंबुलेंस निकल नहीं पाई।
जयकिशन ने कार मालिक उमेश मिश्रा से आपत्ति जताई तो वह खुद को मिश्रिख ब्लॉक प्रमुख रामकिंकर पांडेय का भाई बताते हुए धमकी देने लगा। खुद के भाजपा में होने का रौब झाड़ते हुए झूठे मुकदमें लिखवाने की धमकी भी दी। इस दौरान एंबुलेंस में ही सुरेश ने दम तोड़ दिया। एक अप्रैल को हुए इस हंगामे का वीडियो सोमवार शाम वायरल हो गया। इसका संज्ञान लेकर बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने शहर कोतवाली के गेट पर प्रदर्शन किया।
शहर कोतवाल टीपी सिंह ने उमेश मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की जानकारी दी, जिस पर अधिवक्ता शांत हो गए। शहर कोतवाल ने बताया कि जयकिशन राठौर की तहरीर पर उमेश मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी जनपद हरदोई के बेहटा गोकुल थानाक्षेत्र के टोडरापुर का निवासी है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया गया है।