लखनऊ। स्टार्टअप शुरू करने के लिए मोतिहारी निवासी 14 साल का किशोर अपने घर से गहने और एक हजार रुपये की नकदी लेकर ट्रेन से लखनऊ आ गया। यहां पर यह किशोर रेलवे चाइल्डलाइन को मिल गया जिसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दिया गया। समिति ने उसके पिता को बुलाकर सारा सामान और बेटे को लिखित औपचारिकता पूरी करने के बाद सौंप दिया।
सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन रवेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि रेलवे चाइल्ड लाइन को यह किशोर 29 जुलाई को मिला, जहां से उसे समिति के सुपुर्द किया गया। बच्चे की काउंसलिंग की गई तो पता चला कि घर में शादी थी, जिसके लिए गहने लाए गए थे। मौका देखकर किशोर गहने-पैसे लेकर निकल पड़ा। बच्चे का कहना था कि वह अपने दोस्त के साथ मिलकर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार, किशोर के पास से दो सेट झुमके, एक सेट कान की बाली, गले की चेन, चार अंगूठियां, एक हार, छह नाक की कीलें, एक जोड़ी पाजेब और एक हजार रुपये मिले हैं। रवेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि किशोर के पिता की मोतिहारी में बैग फैक्टरी है। किशोर ने बताया कि वह कक्षा छह तक ही पढ़ा है।