पीजीआई इलाके में एक किशोरी की ओर से डॉक्टर पर अपने दोस्त से दुष्कर्म कराने के केस पर ही सवाल उठने लगे हैं। दरअसल किशोरी व उसकी मां ने डॉक्टर का मोबाइल चोरी करने की बात मंगलवार दोपहर पुलिस के सामने कुबूली थी।
थाने में लिखित समझौता भी किया था। इसके कुछ घंटे बाद किशोरी व उसके परिजनों ने डॉक्टर व एक अन्य शख्स पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। अब पुलिस संदिग्धता के बिंदु पर भी तफ्तीश कर रही है।
पीजीआई इलाके में रहने वाली किशोरी ने आरोप लगाया था कि डॉक्टर गौरव उसको जबरन पकड़कर ले गए थे और इम्तियाज नाम के युवक से दुष्कर्म कराया। पुलिस ने आरोपों के आधार पर केस दर्ज कर लिया था।
एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पीजीआई पुलिस से पता चला कि किशोरी व उसकी मां डॉक्टर के घर पर काम करती थीं। 30 मार्च को डॉक्टर का मोबाइल चोरी हो गया था। डॉक्टर को किशोरी पर शक था। सोमवार को वह उनके घर पहुंचा।
किशोरी के मोबाइल में डॉक्टर का सिम पड़ा मिला। डॉक्टर ने पूछताछ की तो किशोरी ने बताया कि चोरी किया गया मोबाइल उसके गुजरात में रहने वाले भाई के पास है।
डॉक्टर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसके भाई से संपर्क किया। उसने वहां से मोबाइल डिस्पैच कर दिया। तब तक किशोरी की मां का मोबाइल डॉक्टर ने रख लिया था।
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे थाने में इसकी लिखापढ़ी भी की गई। किशोरी व उसकी मां ने पूरी बात भी कुबूली। इसके बाद दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया। एडीसीपी का कहना है कि सारे तथ्य जुटाने के बाद ही इसमें कार्रवाई की जाएगी।
इम्तियाज की भूमिका जांची जानी जरूरी
नामजद इम्तियाज इलाके के एक अपार्टमेंट में रहता है। पुलिस ने जब फुटेज जुटाए तो किशोरी के सोमवार रात को घर से बाहर निकलने की बात स्पष्ट हुई। वहां से वह इम्तियाज के अपार्टमेंट गई। यहां वह रातभर गार्ड रूम में बैठी रही। इसके पुख्ता साक्ष्य हैं। मंगलवार सुबह करीब छह उसने मां के नंबर पर कॉल की। ये मोबाइल डॉक्टर के पास था। डॉक्टर से किशोरी ने कहा कि वह उसको उसके घर छोड़ दें। तब डॉक्टर वहां पहुंचे और किशोरी को घर लेकर आए। यहां से उसकी मां ले गई थी। इसके भी फुटेज हैं। अब इसमें इम्तियाज की क्या भूमिका रही, ये जांच जारी है। उसके पकड़े जाने के बाद मामला और स्पष्ट हो जाएगा।