रायबरेली। जिला विद्यालय निरीक्षक की वादाखिलाफी और मनमाने रवैये के खिलाफ शिक्षक एक बार फिर मैदान में उतर आए। माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने सोमवार को डीआईओएस कार्यालय में धरना देकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों की ताकत बढऩे के लिए संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी और एमएलसी भी पहुंचे। जनवरी में हुए धरने पर सहमति बन जाने के बाद भी अब तक मांग पूरी न होने से शिक्षक खफा हैं। इस बार फिर धरने में एक हफ्ते की मोहलत मांग ली गई।
मंडलीय मंत्री जगजीवन प्रसाद शुक्ल और जिला मंत्री शैलेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि शिक्षकों की मांगों को लेकर काफी समय से आवाज उठाई जा रही है। जनवरी में हुए धरने में एमएलसी समेत कई पदाधिकारी आए थे। उस समय डीआईओएस ने सहमति जताई थी कि 10 दिन में मांगें पूरी कर देंगे, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी कोई समस्या हल नहीं हुई है। इससे डीआईओएस की वादाखिलाफी जाहिर होती है। समय-समय पर मौखिक और लिखित सहमति के बाद भी डीआईओएस निरंतर उत्पीडऩ और शोषण कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने बताया कि डीआईओएस के रवैये के खिलाफ धरना दिया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी, एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी, हेम सिंह पुंडीर, इंद्रासन सिंह, डाॅ. आरपी मिश्र समेत कई प्रांतीय और दूसरे जिलों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। शिक्षकों के रुके वेतन, पदोन्नति, बहाली समेत कई मांगें लंबित हैं। जिला मंत्री ने बताया कि धरनास्थल पर हुई वार्ता में डीआईओएस ने सिर्फ एक शिक्षक का वेतन जारी करने की बात कही। बाकी मांगें निस्तारित करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगी गई है।