लखनऊ। मदेयगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर वृद्धा को बंधक बना लाखों की लूटपाट की। वारदात को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले। सूचना पर पहुंची मदेयगंज पुलिस ने तहरीर लेकर चोरी की धारा में एफआईआर दर्ज की। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज के साथ ही पीड़िता के बयान लिए गए तब केस को लूट की धारा में बदला गया। मामले में पुलिस ने साजिशकर्ता एलएलबी छात्र समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मदेयगंज की तुलसी विहार काॅलोनी में बुजुर्ग तलत फातिमा अकेली रहती हैं। वह लंबे समय तक यूएस में रहकर कॉलेज में पढ़ा चुकी हैं। यूएस से लौटकर एक दशक से वह यहीं रह रही हैं। बीते मंगलवार की दोपहर दो बदमाशों ने घर में घुसकर तलत फातिमा के हाथ-पैर बांध दिए। फिर चार-पांच हजार रुपये की नकदी, दो कीमती फोन और जेवर लूटकर भाग गए। तलत ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया कि मामले में साजिशकर्ता इलाकाई निवासी करन और उसके साथी छोटू, गुफरान व करन को गिरफ्तार किया गया है। साजिशकर्ता करन शिया पीजी कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है।
डीसीपी ने बताया कि साजिशकर्ता करन पहले तलत के पास कोचिंग पढ़ता था। उसे पता था कि वह अकेली रहती हैं। घर में आसानी से लूटपाट की जा सकती है। इसलिए उसने अन्य साथियों को साजिश में शामिल किया। छात्र करन को तलत पहचान जातीं इसलिए वह अपने एक साथी के साथ घर के बाहर ही खड़ा रहा। अन्य दोनों साथी करन व गुफरान ने घंटी बजाई। जैसे ही तलत ने दरवाजा खोला वह दोनों जबरन भीतर घुस गए। उनको बंधक बनाया। उनसे ही पूछा कि पैसे व जेवर कहां रखे हैं। फिर लूटपाट कर भाग गए। जाते वक्त उनके हाथ-पैर खोल दिए थे।
पुलिस ने जब गहनता से तफ्तीश की तो सीसीटीवी फुटेज में पड़ोसी करन दिख गया। पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात को कुबूल कर लिया। पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर जेवर की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
लूट की वारदात को चोरी की धारा में दर्ज करने में मदेयगंज थानेदार का बड़ा खेल रहा। वह मामला दबाए रहे। जिससे उच्चाधिकारियों को जानकारी न हो सके। लेकिन, अफसरों को जानकारी हुई तो पता चला कि वारदात लूट की है। तब सभी हरकत में आए और लूट की धारा में केस बदलकर आरोपियों की धरपकड़ शुरू हुई।
डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया कि घटना का खुलासा कर लिया गया है। चारों आरोपी गिरफ्त में हैं। घटना को चोरी की धारा में दर्ज करने को लेकर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।