लखनऊ। टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौध संस्थान (सीमैप) की ओर से हालीआन प्रोजेक्ट के तहत बाराबंकी के फतेहपुर क्लस्टर स्थित मदनपुर गांव में किसान गोष्ठी हुई। 150 से अधिक किसानों ने भाग लेकर आधुनिक खेती, जल संरक्षण और आय बढ़ाने की नई तकनीकों की जानकारी हासिल की। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने किसानों को हालीआन प्रोजेक्ट और सीमैप की गतिविधियों से अवगत कराया। डॉ. अनिल कुमार सिंह ने मेंथा की उन्नत खेती और गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने के वैज्ञानिक तरीके बताए। वहीं, डॉ. रक्षपाल ने मेंथा आसवन अपशिष्ट से वर्मी कम्पोस्ट, जैविक कटलरी और मशरूम उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय के अवसरों की जानकारी दी। डॉ. विनीत ने ड्रोन तकनीक से फसलों पर छिड़काव के फायदे समझाए, जबकि डॉ. नेहा ने ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पानी बचाने और बेहतर सिंचाई प्रबंधन के उपाय बताए।