उत्तर प्रदेश के 52 जिलों में हजारों विद्यार्थियों को स्मार्टफोन और टैबलेट नहीं बंटे हैं। वहीं यूपीडेस्को के प्रबंध निदेशक कुमार विनीत का कहना है कि सोमवार तक विभिन्न जिलों में 10 लाख स्मार्टफोन और टैबलेट वितरण की सूचना मिली है। जबकि जिलों में स्मार्टफोन व टैबलेट पहुंचा दिए गए हैं। उधर, टैबलेट और स्मार्टफोन की पहले चरण की योजना की अवधि समाप्त होने से लाखों विद्यार्थियों को मायूस होना पड़ा है।
प्रदेश में 75 में से 23 जिलों में पहले चरण में पात्र शत प्रतिशत विद्यार्थियों को स्मार्टफोन व टैबलेट का वितरण हुआ है। वहीं शेष जिलों में इसकी वितरण की धीमी गति पर पिछले दिनों मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र भी नाराजगी जता चुके हैं। यूपीडेस्को के अधिकारी ने बताया कि स्मार्टफोन व टैबलेट की आपूर्ति 25 प्रतिशत ही होने के कारण शैक्षिक सत्र 2021-22 में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को इसका वितरण करना तय हुआ है। शेष विद्यार्थियों को दूसरे चरण में वितरण का इंतजार करना पड़ेगा।
यूपीडेस्को के मुताबिक स्मार्टफोन व टैबलेट का वितरण स्थानीय विधायक और मंत्री के हाथों कराया जाना है। जहां सत्तारूढ़ दल के विधायक व मंत्री नहीं है, वहां जिलाधिकारी के जरिये वितरण होना है। विधायक व मंत्रियों से समय मिलने के अभाव में भी वितरण धीमी गति से हो रहा है।