लखनऊ। सर्दियों में सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वीरभद्रासन, भुजंगासन और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लखनऊ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन के सह समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव के अनुसार ठंड के मौसम में योगाभ्यास करते समय विशेष सावधानी बरतना भी जरूरी है। सर्दियों में शरीर की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं। ऐसे में बिना वार्म-अप सीधे योगासन करने से शरीर को नुकसान या चोट की आशंका बढ़ जाती है। ठंड में शीर्षासन व सर्वांगासन जैसे आसनों से बचना चाहिए। योग से पहले 10 से 15 मिनट तक हल्की जॉगिंग और गर्दन, कंधे, कमर, घुटने व टखनों के लिए सूक्ष्म व्यायाम आवश्यक हैं। योगाभ्यास हमेशा धूप या गर्म स्थान पर, ऊनी आसन और आरामदायक कपड़ों में करना चाहिए।