रायबरेली। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए बुधवार से सर्वे शुरू हो गया। कृषि, राजस्व विभाग व बीमा कंपनियों के अधिकारियों की टीमों ने गांवों जाकर किसानों से मुलाकात की।
खेतों में फसलों का हाल जाना। इस दौरान गेहूं, सरसों व चने की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान मिला। गेहूं की फसल जमीन पर बिछी नजर आई। बालियां टूटकर जमीन पर बिखरी पड़़ी थी। सरसों की फसल भी खेतों में गिर गई। दो दिन में सर्वे पूरा करना है।
जिले में मंगलवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, चने आदि की फसलों को नुकसान हुआ है। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों की टीमें नुकसान का सर्वे करने के लिए गांव पहुंचीं।
इस दौरान राही, ऊंचाहार, सतांव, खीरों, दीनशाहगौरा, सलोन, डीह समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में जाकर अधिकारियों ने नुकसान का सर्वे लिया। सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को नुकसान का अनुमान है। गेहूं की फसल पूरी तरह से खेतों में जमींदोज हो गई है। बालियां टूट गईं हैं।
....
1.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोआ गया था गेहूं
इस बार जिले में एक लाख 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की बोआई की गई थी। खाद, पानी की समस्या के चलते गेहूं की फसल को तैयार करने में किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ी। अब जब फसल पककर तैयार थी तो कुदरत की मार ने किसानों को मायूस कर दिया। सबसे ज्यादा नुकसान गेहूूं की फसल को हुआ है।
...
टूट गए अच्छे उत्पादन के अरमान
फोटो संख्या 28 से लेकर 31 तक
खीरों। अकोहरिया गांव के किसान संतोष पासवान, खीरों के बाबूशंकर शुक्ला, फिरोजाबाद गांव के मन्नू लाल पासवान, बलभद्र खेड़ा गांव के सरवन यादव ने बताया कि दो दिन पूर्व हुए पहली बरसात में खेतों में खड़ी गेहूूं, सरसों, मटर आदि की कुछ फसल गिर गई थी। मंगलवार को हुई ओले गिरने से फसल और बर्बाद हो गई। खेत में पानी भरने से फसल सड़ जाएगी। लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा।
....
शासन के निर्देश पर राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों की टीमें ने नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है। दो दिन में सर्वे पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजनी है। कितना नुकसान हुआ है, यह सर्वे पूरा होने के बाद ही पता चल पाएगा।
रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी