परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था के लिए पहली बार सरकारी स्तर पर सर्वे का काम शुरू हुआ है।
यह काम प्रदेश के 10 जिलों में इस माह शुरू होकर नवंबर तक चलेगा।
इसके बाद इस रिपोर्ट को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सौंपा जाएगा।
इससे तय होगा कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल है। रिपोर्ट के आधार पर परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई में सुधार का काम शुरू किया जाएगा।
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एससीईआरटी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में बीटीसी का प्रशिक्षण ले रहे छात्रों के सहयोग से सर्वे कराएगा।
इसमें बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा के साथ स्कूलों का भी रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। बच्चों के अलावा प्रधानाध्यापकों से भी कुछ सवाल पूछे जाएंगे।
इसमें स्कूल की इमारत पक्की है? चारों ओर पक्की दीवारें बनी हैं? शिक्षक मानक के अनुरूप हैं की नहीं। इस तरह अन्य कई सवाल पूछे जाएंगे।
जिस बच्चे से सवाल पूछा जाएगा उसके नाम से एक फार्म भरा जाएगा। इसके आधार पर ही बौद्धिक क्षमता का आकलन किया जाएगा।
इन जिलों में सर्वे
लखनऊ, महोबा, कन्नौज, गोरखपुर, मिर्जापुर, बलरामपुर, प्रतापगढ़, मेरठ, बदायूं और एटा में सर्वे कराया जाएगा। प्रत्येक जिले के 50-50 स्कूल लिए जाएंगे।
इस लिए एससीईआरटी करा रहा सर्वे
प्रदेश में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा 8 तक की शिक्षा पर अरबों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों को न के बराबर जानकारी होती है।
खासकर विज्ञान, गणित और अंग्रेजी बहुत कम बच्चों को आती है।
केंद्रीय संस्था या फिर स्वयंसेवी संस्थाएं आए दिन सर्वे करके परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती रहती हैं।
इसलिए पहली बार एससीईआरटी स्तर पर स्कूलों का सर्वे कर बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा का आकलन किया जा रहा है।
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