यूपी विधानसभा में शुक्रवार को पेश लेखानुदान में अखिलेश सरकार ने आम जनता को न कोई राहत दी न ही किसी नई योजना का ऐलान किया।
महज सात मिनट के बजट भाषण में उन्होंने चार महीने के कामकाज के लिए 800 अरब, 86 करोड़, 46 लाख, 36 हजार रुपये की व्यवस्था कर दी।
सदन से लेखानुदान को मंजूरी भी मिल गई। अंतरिम बजट में 5181.71 करोड़ रुपये के घाटे का अनुमान लगाया गया है।
सरकार का अनुमान है कि 2014-2015 में कुल 2,54,66.97 करोड़ की आय होगी। इसमें राजस्व मद से 2,15,846.70 करोड़ रुपये और 38,820.27 करोड़ रुपये पूंजीगत मद से आय का अनुमान है।
बजट में फिलहाल कुल 2,59,848.68 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। 36.70 करोड़ लाभ मिलने की उम्मीद भी जताई।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चार पेज का बजट भाषण पत्र पढ़ा।
सरकार के इस कामचलाऊ बजट पर विपक्षियों ने कहा कि जब कोई नई घोषणा नहीं करनी थी, तो फिर ऐसे बजट की जरूरत ही क्या थी।