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सुना है क्या: चहेतों पर बरस रही कृपा की कहानी, साथ ही 'कहीं की खीझ कहीं उतर रही व राहु-केतु का साया' के किस्से

Wed, 17 Jun 2026 12:47 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'चहेते अभियंताओं पर बरस रही कृपा' की कहानी। इसके अलावा 'खीझ कहीं की, उतार कहीं रहे' और 'पूर्व मंत्री पर राहु-केतु का साया' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

चहेते अभियंताओं पर बरस रही कृपा

ऊर्जा विभाग में हर स्तर पर मनमानी चल रही है। अभियंता चहेता है तो फिर क्या कहने। पूर्वांचल के खलीलाबाद जोन में कार्यरत चर्चित जूनियर इंजीनियर का 15 दिन पहले मुख्यालय तबादला हुआ। वह अपने अधिशासी अभियंता का कारखास होने से हमेशा सुर्खियों में रहा है। ऐसे में मुख्यालय जाने के बजाय वह अफसरों की परिक्रमा करता रहा। अभी तक उसे रिलीव नहीं किया गया है। ऐसे में पूरे विभाग में इस ताकतवर अभियंता की चर्चा है।

खीझ कहीं की, उतार कहीं रहे

जब से माननीय का महकमा कम हुआ है, तभी से अपना रौला दिखाने के लिए कोई न कोई बहाना ढूंढ ही लेते हैं। दरअसल, माननीय के पास पहले छोटे उद्योगों का भी महकमा था जो अब छिन गया है। तभी से माननीय अधिकारियों पर धौंस जमाने का बहाना ढूंढकर बरस पड़ रहे हैं। हाल में माननीय एक जिले में बैठक कर रहे थे, जिसमें कुछ अधिकारी नहीं पहुंचे थे। लिहाजा माननीय का पारा चढ़ गया है। उन्होंने फोन करके डीएम पर धौंस जमाई। मजेदार यह था कि फोन करते समय माननीय दूसरे हाथ में माइक पकड़े थे। इसे ही कहते हैं खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे।

पूर्व मंत्री पर राहु-केतु का साया

एक पूर्व मंत्री ने मंत्रिमंडल में पुन: शामिल होने के लिए देवी-देवताओं की खूब अर्चना की। अनुष्ठान भी कराए। खूब पैरवी भी हुई लेकिन परिणाम अनुकूल नहीं रहा। अब उन्हें कुछ शुभचिंतकों ने किसी सिद्ध संत के हवाले से बताया है कि उन पर राहु-केतु का साया है जो काम नहीं बनने दे रहा। इसके लिए भी कोई उपाय करा लें तो भविष्य के लिए ठीक रहेगा। देखते हैं कि उनके राहु-केतु कब तक शांत होते हैं? वैसे, अनुष्ठान जल्द कराए जाने की योजना बनाई जा रही है।
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