नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चर
लखनऊ। नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचक दिनेशानंद मृदुल ने कहा कि सुदामा चरित्र व्यक्ति को संयम बनने का संदेश देता है। संयम होने से सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। बच्चों का मनमोहक नृत्य व झांकी आकर्षण का केंद्र रही। रुक्मिणी और भगवान श्रीकृष्ण के वेश में बच्चों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फूलों की होली खेली गई। भक्तगण रंग-बिरंगी पुष्प वर्षा के बीच भक्ति और आनंद में झूम उठे और जयघोष से पंडाल गुंजायमान हो गया। आयोजक अमरेंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र जायसवाल, ऋत्विक प्रियदर्शी, वीरेंद्र विक्रम सिंह व आशुतोष मिश्रा, महेंद्र शुक्ला, राकेश कुमार सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चर
नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चर
नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चर
नई जेल रोड स्थित धरमावत खेड़ा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को सुदामा चर