डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय
लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में जल्द ही करीब 1.77 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक मशीनें और डिजिटल तकनीक स्थापित की जाएंगी। इससे छात्र आधुनिक तकनीक की मदद से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण बनाना सीख सकेंगे। साथ ही हर महीने 30 से 40 दिव्यांगजनों को डिजिटल तकनीक से तैयार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में विश्वविद्यालय और इंस्टालिम्ब इंडिया के बीच शुक्रवार को समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के ग्लोबल साउथ के सहयोग से संचालित होगी। कुलपति आचार्य संजय सिंह ने बताया कि समझौते के तहत विश्वविद्यालय को दो हाई-स्पीड थ्रीडी प्रिंटर, पांच थ्रीडी स्कैनर, दो लैपटॉप और विशेष सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए जाएंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों और तकनीकी कर्मचारियों को थ्रीडी स्कैनिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजाइन, डिजिटल मॉडलिंग और थ्रीडी प्रिंटिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।