फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: संशोधित भाषा विवि में प्राचीन शिक्षा पद्धति, आविष्कारों का अध्ययन करेंगे छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यपरिषद की बैठक में मिली मंजूरी, विश्वविद्यालय में स्थापित होगा भाषा संवर्धन केंद्र
विज्ञापन

फोटो फाइल है।
संवाद न्यूज एजेंसी

लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत इंडियन नॉलेज सिस्टम (आईकेएस) स्थापित किया जाएगा। इसमें विद्यार्थी प्राचीन शिक्षा पद्धति और आविष्कारों का अध्ययन करेंगे। इसके साथ विवि उत्तर प्रदेश की भाषाओं के संरक्षण और उनका प्रोफेशनल इस्तेमाल सिखाने के लिए भाषा संवर्धन केंद्र भी स्थापित करने जा रहा है। बृहस्पतिवर को कार्यपरिषद की बैठक में इसकी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
इंडियन नॉलेज सिस्टम (आईकेएस) स्थापित करने की व्यवस्थाओं के लिए समिति भी बनाई गई। इसके तहत विद्यार्थियों को भारतीय व विदेशी भाषाओं के ज्ञान के साथ प्राचीन संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। इसके तहत संस्कारों की पाठशाला भी लगेगी। नैक मूल्यांकन के लिहाज से भी इसकी स्थापना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रवक्ता डॉ. तनु डंग ने बताया कि बैठक में विश्वविद्यालय के दस वर्षीय विजन डॉक्यूमेंट को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
विज्ञापन


पार्टटाइम पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा जरूरी
कार्यपरिषद की बैठक में पीएचडी आर्डिनेंस 2023 को भी अनुमोदन दिया गया। इसके तहत अब पार्टटाइम पीएचडी के लिए भी प्रवेश परीक्षा देनी होगी। विश्वविद्यालय में वाणिज्य, प्रबंधन, गृह विज्ञान, उर्दू, अरबी, पत्रकारिता व अन्य विषयों में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा होगी।
विज्ञापन


बीटेक, बीबीए व एमबीए में मल्टीपल इंट्री व एग्जिट सुविधा
नई शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय में बीटेक, बीबीए और एमबीए के पाठ्यक्रमों में मल्टीपल इंट्री व एग्जिट सुविधा मिलेगी। बैठक में इस पर मुहर लग गई। इसके तहत कोई छात्र बीच में कोर्स छोड़ देते हैं तो उन्हें एक और दो साल का सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आगे वह डिग्री भी पूरी कर सकेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें