नशे की हालत में पहुंच कमरे पर, सुबह मिली लाश
सुनील के दोस्तों ने बताया कि मंगलवार रात करीब आठ बजे वह नशे में धुत्त होकर कमरे पर पहुंचा। वहां कुछ देर रूकने के बाद बिना कुछ बताये ही निकल गया। बुधवार सुबह करीब 7 बजे पड़ोसियों ने पास में ही स्थित खाली प्लाट में भरे कीचड़ के अंदर औंधे मुंह पडे़ युवक के शव को देखा तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर उसकी पहचान कराई। जहां मकान मालिक विनीत के अलावा हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने उसकी पहचान सुनील के रूप में की।
शरीर पर कपड़ा नहीं, मोबाइल भी गायब
सुनील के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। पुलिस ने काफी देर तक उसके कपड़ों की तलाश की, लेकिन कपड़े नहीं मिल सके और न ही उसका मोबाइल मिला। फिलहाल पुलिस सर्विलांस की मदद से उसके मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी कॉल डिटेल निकालने के साथ ही हॉस्टल के छात्रों और उसके रूम पार्टनर राममूर्ति से पूछताछ कर रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने आशंका जाहिर की है कि सुनील की हत्या कर शव फेंक दिया गया है। जबकि पुलिस सुनील के कपड़े और मोबाइल देर शाम तक नहीं मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि सुनील ने बी फार्मा का बैक पेपर भरा था और वह अक्सर मोबाइल में किसी से घंटों बात करता रहता था।
42 पेपर, 20 में आया था बैक
प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह भदौरिया के मुताबिक सूचना मिलने बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की। तो सामने आया कि सुनील के पिता जगदीश प्रसाद बीएसएफ में सिलिगुड़ी में तैनात है। वह बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। कॉलेज से उसकी डिटेल निकलवाई गई। जिसमें पता चला कि पिछले चार साल में उसने 42 पेपर दिये। जिसमें 20 पेपर में बैक आया था। पढ़ाई करने भी नहीं जाता था। अक्सर शराब के नशे में घूमता रहता था। मंगलवार रात को वह नशे की हालत में छत पर बातचीत कर रहा था। देर रात करीब 9.30 बजे अंतिम कॉल की जानकारी हुई। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि रात को अपनी मां व चाची से बातचीत की थी। इसके बाद आशंका है कि नशे में होने के कारण पिछले हिस्से में गिर गया। किराए के मकान में है, उसकी के पास एक मिठाई की दुकान है। जिसका गंदा पिछले हिस्से में गिरता है। उसी गंदगी में मुंह के बल गिरा पड़ा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।