पराली जलाने से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर अचानक प्रदूषण बढ़ गया है। यूपी सरकार ने इन मामलों में सख्ती बरतते हुए जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है। कई जिलों में जुर्माने भी किए गए हैं। वहीं चेतावनी दी जा रही है कि पराली जलाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
पराली जलाने पर सेटेलाइट से नजर रखी जा रही है। हालांकि यह बताया जा रहा है कि यूपी में पराली जलाने के मामले पिछले साल से कम हैं। पर किसान अब भी पराली जला रहे हैं। कृषि विभाग के मुताबिक रविवार को आठ जगहों पर पराली जलाने की घटना सामने आई। रामपुर व झांसी जिले में दो-दो, महराजगंज, खीरी, हरदोई व अलीगढ़ में एक-एक स्थान पर पराली जलाई गई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का कहना है कि पराली जलाने की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट बेहद सख्त है। कोर्ट का जो भी आदेश होगा उस पर अमल किया जाएगा।
यह है जुर्माने का प्रावधान
अगर कोई पराली जलाता पकड़ा जाता है तो एक हेक्टेयर में फसल अवशेष जलाने पर ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। 2 से 5 हेक्टेयर में फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये और पांच हेक्टेयर से अधिक में फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।