सौम्या मिश्रा
मारुतिपुरम, लखनऊ
भले ही नगर निगम आवारा पशुओं पर लगाम लगाने का दावा करता हो, लेकिन सच्चाई यही है कि निगम इसमें पूरी तरह फेल है।
आए दिन शहर में आवारा पशुओं की वजह से एक्सीडेंट होते रहते हैं लेकिन निगम हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
अभी इस घटना को हुए ज्यादा दिन नहीं हुए जब एक स्कूल कैंपस में घुसकर आवारा कुत्तों ने उत्पात मचाया था। दर्जनों लड़कियां घायल हो गईं थीं।
अफसोस करने वाली बात तो यह है कि वहां मौके पर पहुंचने में ही निगम के कर्मचारियों ने घंटों लगा दिए। आखिर जब जिम्मेदार को ही अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं, तो आम जनता कहां जाकर शिकायत करे?
निगम को चाहिए कि इस ओर ध्यान दे और सड़कों पर घूम रहे अवारा और छुट्टा जानवरों से लोगों को निजात दिलाए।