लखनऊ। निजी टाउनशिपों में निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन की अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच कराई जाएगी। एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2005 व 2014 के तहत रियल एस्टेट कंपनियों को लाइसेंस देते समय कॉलोनियों में एसटीपी निर्माण की शर्त रखी गई थी। हाल ही में एलडीए वीसी ने कई टाउनशिपों के निरीक्षण में एसटीपी का संचालन संतोषजनक नहीं पाया था। इस पर एएनएस डेवलपर्स, ओमेक्स, विराज कंस्ट्रक्शन, पिंटेल रियलिटी डेवलपर्स और अमरावती रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों को पत्र जारी कर ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और रिपोर्ट एलडीए को सौंपने का निर्देश दिया गया है। सचिव ने एसटीपी के बेहतर संचालन से सीवेज के जीरो डिस्पोजल का लक्ष्य प्राप्त करने पर भी जोर दिया है।