वाकया धनतेरस का है। सपा मुख्यालय में कुछ पत्रकारों के साथ पार्टी प्रवक्ता और सरकार के कैबिनेट मंत्री बैठे थे।
उनका मोबाइल बजता है। उधर से ‘हैप्पी धनतेरस’ की आवाज आती है। इधर से थैंक्स, धन्यवाद या सेम टू यू के बजाय आवाज में तल्खी दिखती है।
‘तुम नौजवानों को क्या हो गया, कहां से सीख रहे हो ये सब, काहे का हैप्पी धनतेरस। धन बरस रहा है या लुट रहा है।
जबरन जेब खाली कराई जा रही है’ फोन कटने पर पता लगता है कि कॉल वेस्ट यूपी के एक रिश्तेदार की थी। मंत्री बोलना जारी रखते हैं, अजीब बात है।
हमारे यहां (वेस्ट यूपी) पहले न करवा चौथ मनाई जाती थी न भैया दूज। अब धनतेरस पर बधाई देने लगे।
बाजारवाद के दौर में भी समाजवादी सोच रखने वाले मंत्रीजी को कौन समझाए कि अब त्योहार मनाए नहीं मनवाए जाते हैं।