कांग्रेस के एक केंद्रीय मंत्री हैं। आजकल सपा सरकार की योजनाओं पर रिसर्च कर रहे हैं।
कोई भी प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है तो यह जानने की कोशिश करते हैं कि कौन सी योजना किसके लिए है और उसको लेकर पब्लिक के बीच क्या फीडबैक है।
जैसे ही उन्हें पता चलता है कि इस योजना की वजह से फला-फलां तरह के लोग परेशान हैं, वे तत्काल उस पर गौर करने लगते हैं।
हाल ही में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की तो राज्य सरकार की कन्या विद्याधन व अल्पसंख्यक लड़कियों के लिए हमारी बेटी उसका कल योजना में दी जाने वाली रकम घटाने का मुद्दा उन्हें मिल गया।
अब वे कह रहे हैं कि जब सरकार ने 30 हजार रुपये देने की बात कहकर वोट मांगा था तो फिर इसे 20 हजार करना धोखा है।
वे यह भी बता रहे हैं कि यह सरकार गन्ना किसानों को वाजिब मूल्य देने की बात कहकर आई थी, यहां मिल मालिकों से साठगांठ कर गई।
किसान आयोग बनाने की बात भी भूल गई। वे कहते हैं ये बातें आगे काम आएंगी।