अच्छी छवि वाले कई अफसरों को हाल ही मंडल व जिलों से अचानक हटा दिया गया।
न उनके काम से कोई शिकायत थी न जनता में उनकी छवि खराब थी, बस वे सरकार के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे थे।
आईएएस इलेवन व सीएम इलेवन के बीच हुए मैच के दौरान नौकरशाही के बीच यह बात चर्चा का विषय रही।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मैदान में पहुंचे तो एक कमेंटेटर ने इस ओर इशारा भी किया कि सीईओ साहब पर तमाम लोगों की उम्मीदें टिकी हुई हैं।
आयोग को तो शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव के लिए अच्छे, ईमानदार और तेज-तर्रार अफसरों की जरूरत होती है।
सरकार के साथ कदमताल न कर पाने वाले ये अफसर चुनाव के दौरान जिलों में आयोग की ओर से किसी भूमिका में नजर आएं तो चौंकने वाली बात न होगी।
आईएएस वीक के दौरान ज्यादातर अफसर अगर किसी से सबसे अधिक सटते नजर आए तो वे थे सीईओ साहब।