उत्तर प्रदेश में शिक्षक, स्नातक निर्वाचन के लिए आचार संहिता लग गई है। लोकसभा चुनाव की कभी भी लग सकती है।
ऐसे में शिक्षा विभाग वाले अपने चचा की धुकधुकी बढ़ती जा रही है। वजह साफ है। उनका रिटायरमेंट अगले महीने है।
विभाग के एक मंत्री ने उनका गुणगान करते हुए कार्यकाल बढ़ाने के लिए सीएम को पत्र लिखा था।
चचा की चाहत है कि किसी तरह से कार्यकाल बढ़ जाए, लेकिन उनकी फाइल कभी कार्मिक तो कभी न्याय विभाग भेज दी जाती है।
इससे चचा की धुकधुकी बढ़ती ही जा रही है। विभाग में भी उनके कार्यकाल को लेकर खुसुर-पुसुर जारी है। वजह सबको अपना हित देखना है।
चचा का कार्यकाल यदि नहीं बढ़ता है तो कई को अपनी आस्थाएं बदलनी होंगी, क्योंकि नौकरी में सफलता के लिए आस्थाएं बहुत मायने रखती हैं।
खैर कुछ भी हो, चचा की धुकधुकी का आलम यह है कि वे आजकल शासन जाते हैं तो केवल इसी की पड़ताल में रहते हैं कि फाइल कहां पहुंची।