बछरावां (रायबरेली)। वंदे भारत एक्सप्रेस पर सोमवार को फिर एक बार पत्थर फेंके जाने के मामले में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पत्थर बरसाने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिये की जा रही है।
सोमवार को लखनऊ से रायबरेली जाते समय कन्नावां गांव के निकट 175 गेट के पास दोपहर 11.50 पर वंदे भारत ट्रेन के सी-4 का शीशा पत्थर चलने से चटक गया था। रायबरेली पहुंचने पर वंदे भारत ट्रेन में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सूचना गोरखपुर स्थित वंदे भारत कंट्रोल रूम को दी थी।
कंट्रोल रूम ने बछरावां आरपीएफ को वायरलेस सेट पर मामले की सूचना दी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आरपीएफ तथा जीआरपी की टीमों ने रात भर कन्नावां क्षेत्र में पूछताछ की और पत्थरबाज का पता लगाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
सोमवार देर रात आरपीएफ ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचक को मंगलवार सुबह ही गोरखपुर कंट्रोल रूम रवाना कर सभी वंदे भारत ट्रेन में लगे 56 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग मंगाई है। आरपीएफ को उम्मीद है कि मंगलवार देर रात तक रिकॉर्डिंग रायबरेली आ जाएगी, जिसके बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार का कहना है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग आने के बाद पत्थरबाजों की पहचान कर मामले को खुलासा जल्द किया जाएगा।
आरपीएफ की सुस्ती पड़ी भारी
बछरावां। बीती माह 18 मार्च को वंदे भारत ट्रेन पर नीमटीकर गांव के रेलवे लाइन पर वंदे भारत ट्रेन के जाते समय मवेशी चरा रहे तीन नाबालिग किशोरों ने पत्थर चलाया था, जिसके बाद आरपीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर मामले पर खुलासा किया था। जांच के दौरान प्रतिदिन वंदे भारत ट्रेन के आने व जाने के समय आरपीएफ हर 300 मीटर पर एक सुरक्षा कर्मी ट्रेन को क्षेत्र से निकालने के लिए तैनात रहता था, परंतु जैसे ही पहली घटना का खुलासा किया आरपीएफ ने हर 300 मीटर पर लगाए जा रहे सुरक्षाकर्मी को हटा लिया था, जिससे दोबारा कन्नावां गांव में घटना घटित हो गई।