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Lucknow : आरटीओ से बचाकर पास कराते थे ओवरलोड ट्रक, महीने में करते थे करोड़ों की कमाई, एसटीएफ ने दबोचा

Tue, 14 Feb 2023 11:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

एसटीएफ के मुताबिक मूलरूप से बिहार के चंपारण का सतीश सोनी विभूतिखंड में रहता है। उसने एक गिरोह बना रखा है, जिसे घर पर बैठकर चलाता था। गैंग के सदस्य हर रात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किए जाते थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ से ओवरलोड वाहनों को आरटीओ की नजर से बचाकर निकालने वाले गैंग का एसटीएफ ने सोमवार को पर्दाफाश किया। टीम ने गैंग लीडर समेत चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह हर महीने करोड़ों रुपये की कमाई कर रहा था। इसके कुल 10 सदस्यों के बारे में जानकारी मिली है। मामले में एसटीएफ ने विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश शुरू की है।

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एसटीएफ के मुताबिक मूलरूप से बिहार के चंपारण का सतीश सोनी विभूतिखंड में रहता है। उसने एक गिरोह बना रखा है, जिसे घर पर बैठकर चलाता था। गैंग के सदस्य हर रात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किए जाते थे। ये ट्रांसपोर्टरों व ट्रक चालकों को इस बात की मुखबिरी करते थे कि कहां आरटीओ चेकिंग चल रही है। जब चेकिंग हट जाती तो ये आसानी से ओवरलोड वाहन पास करवा देते थे। सतीश के साथ गिरोह के तीन सदस्य विशाल, राहुल व मुकुल गिरफ्तार किए गए हैं। छह-सात अन्य सदस्यों की भी जानकारी मिली है। एसटीएफ अब उनकी गिरफ्तारी की कोशिश में है।

हाईटेक तरीके से खेल, मर्सडीज से चलता था सरगना
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक सरगना सतीश बेहद शातिर है। वह हाईटेक तरीके से गैंग को ऑपरेट कर रहा था। सभी के पास वॉकी-टॉकी रहते थे। उसी से आपस में बातचीत करते थे। पूछताछ में सतीश ने बताया कि वॉकी टॉकी का इस्तेमाल कई वजहों से करता था। पहली वजह थी कि इससे आसानी से एक साथ बातचीत हो जाती थी। वहीं मोबाइल का इस्तेमाल न करने से पकड़े जाने की संभावना नहीं रहती थी। सतीश मर्सडीज कार से चलता था। एसटीएफ ने उसकी कार भी बरामद कर ली है।
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एक वाहन का हर माह पांच से 10 हजार
गिरोह ने दर्जनों ट्रांसपोर्टरों के साथ डील कर रखी थी। बाकायदा व्हाट्सएप पर ग्रुप बने थे। गिरोह एक वाहन पास कराने के एवज में हर माह पांच से 10 हजार रुपये लेता था। एक-एक ट्रांसपोर्टर के पास दर्जनों वाहन रहते हैं। इसलिए गिरोह हर महीने करोड़ों का खेल करता था।
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इनकी हुई गिरफ्तारी 
- गैंग लीडर सतीश सोनी, विभूतिखंड (मूल निवास बिहार चंपारण)
- विशाल गौतम, बस्ती
- राहुल बिष्ट, उत्तराखंड
- मुकुल

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