अंबेडकर पार्क के बाह्य क्षेत्र से हाथी की एक फीट की कांसे की मूर्ति चोरी होने के बाद अब नई मूर्ति के लिए लखनऊ से लेकर नोएडा, दिल्ली तक तलाश शुरू हो गई है। मूर्तियां बनाने वालों के साथ इनके सांचों को भी तलाशा जा रहा है। मामले में शासन की सख्ती के बाद एलडीए सचिव व स्मारक समिति के मुख्य प्रबंधक पवन गंगवार ने खुद मोर्चा संभाला है।
उन्होंने बताया कि हाथियों की मूर्तियां बनाने वाली दिल्ली की संस्था कलर इंडिया से संपर्क किया गया है। वहीं, नोएडा के मूर्तिकार अनिल सुतार के अलावा लखनऊ के कारीगर श्रवण प्रजापति से बातचीत की जा रही है। स्मारक समिति के एक अधिकारी ने बताया कि मूर्तियों के सांचों को भी तलाश किया जा रहा है। सांचे मिल जाएं तो दो दिन में हाथी की मूर्ति को बनाया जा सकता है। हालांकि, एलडीए को इसमें सफलता नहीं मिली है। उधर, शुक्रवार को भी पुलिस अधिकारी एलडीए पहुंचे। चोरी वाली जगह पर सफाई और अन्य कामों के लिए तैनात स्टाफ की सूची ली गई है।
गोमती नदी में भी हुई तलाश
पुलिस अंबेडकर पार्क के आस-पास के साथ गोमती में भी हाथी की मूर्ति की तलाश करवा रही है। इसका कारण यह है कि आशंका जताई जा रही है कि मामला तूल पकड़ते ही चोरों ने मूर्ति गोमती में फेंक दी हो।
20 लोगों से पूछताछ, सात हिरासत में
गौतमपल्ली इलाके में स्थित अंबेडकर पार्क से 27 जुलाई को हाथी की मूर्ति चोरी होने की घटना को बसपा सुप्रीमो मायावती ने शर्मनाक बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उधर, पुलिस जांच को तेज करते हुए पार्क के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है। फुटेज के आधार पर पार्क में जाते दिखे लोगों के साथ ड्यूटी पर तैनात माली, सुरक्षाकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इसके बाद सात को हिरासत में लिया गया।
वहीं, जियामऊ व पार्क के पास की बस्ती में भी पूछताछ की गई है। वहीं, अंबेडकर पार्क में तैनात सुरक्षाकर्मी से बातचीत में सामने आया कि यहां लगी हाथी की कांसे की मूर्तियों की बाजार में अच्छी कीमत है। ऐसे में सिर्फ इनकी सुरक्षा के लिए गार्डों की ड्यूटी लगाई जाती है। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि इतनी सुरक्षा के बीच हाथी की मूर्ति चोरी कैसे हो गई। उधर, एडीसीपी मध्य राघवेंद्र मिश्रा का कहना है कि आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे। इससे पहले सुरक्षाकर्मी न्याज अहमद की तहरीर पर थाने में हाथी की मूर्ति चोरी होने का मुकदमा दर्ज किया गया था।