अब तक अपने कानों से ही शेरों और बंदरों की आवाजें टीवी पर सुनते चले आ रहे बच्चों न पहली बार उन्हें नजदीक से छुआ।
नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड संस्था की ओर से 27 विशेष बच्चों ने मंगलवार लगभग तीन घंटों तक लखनऊ जू की सैर कर वन्यजीवों के बारे में जाना।
बच्चों के साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी थे। सैर की शुरूआत बच्चों ने निदेशक जू अनुपम गुप्ता के साथ सबसे पहले बालरेल की सवारी से की।
इसके बाद बच्चों ने यहां बैट्री वाहन की सैर का लुत्फ लिया। टच-एंड टबल विंग में बच्चों ने बाघ-तेंदुए की खाल का छूकर उनका स्पर्श जाना।