फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Swami Prasad Maurya: तीन तलाक तो कभी गौरी-गणेश पर मौर्य का विवादित बयान, अब रामचरितमानस पर की अपमानजनक टिप्पणी

Tue, 24 Jan 2023 03:04 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

वर्ष 2014 में बसपा में रहते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने शादियों में गौरी गणेश की पूजा करने पर सवाल उठाया था। कर्पूरी ठाकुर भागीदारी सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि शादियों में गौरी गणेश की पूजा नहीं करनी चाहिए।
विज्ञापन
स्वामी प्रसाद मौर्य - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस को बकवास बताते हुए कुछ चौपाइयां हटवाने की मांग कर सियासी माहौल को गरमा दिया है। मामले में शीर्ष नेतृत्व ने चुप्पी साध रखी है तो सपा विधायक उनके बयान को निजी बता रहे हैं। देखा जाए तो स्वामी प्रसाद मौर्य पहली बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में नहीं आए हैं, बल्कि इस तरह के बयान वह पहले भी देते रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह बयान उनका व्यक्तिगत है, इससे पार्टी से कोई मतलब नहीं है। इसे पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

विज्ञापन

पहले भी स्वामी दे चुके हैं कई विवादित बयान

गौरी गणेश की पूजा ना करें
वर्ष 2014 में बसपा में रहते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने शादियों में गौरी गणेश की पूजा करने पर सवाल उठाया था। कर्पूरी ठाकुर भागीदारी सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि शादियों में गौरी गणेश की पूजा नहीं करनी चाहिए। यह दलितों और पिछड़ों को गुमराह कर उनको गुलाम बनाने की साजिश है।

तीन तलाक का कारण हवस
भाजपा सरकार में मंत्री रहते हुए 29 अप्रैल 2017 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीन तलाक को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि तीन तलाक देने वाले मुस्लिम सिर्फ  अपनी हवस मिटाने के लिए बीवियां बदलते हैं। तीन तलाक के पीछे ओछी मानसिकता है।

भाजपा ने किया राम का सौदा
नवंबर 2022 में मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था कि भाजपा के लोग राम का भी सौदा कर लेते हैं। ये जनता को और राम को भी बेच देते हैं। उस वक्त भी सपा ने किनारा कर लिया था।

सपाइयों ने जताई आपत्ति, माफी मांगने की मांग
सपा एमएलसी के बयान पर सपाइयों ने भी आपत्ति जताई है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि यह उनका निजी बयान है, इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। नेताओं को जनता की समस्याओं आदि पर बोलना चाहिए। किसी धार्मिक पुस्तक पर बोलने से बचना चाहिए। स्वामी प्रसाद ने अज्ञानतावश बयान दिया है। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने कहा कि जल्द ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर उनके बयान के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसान नेता भगत राम मिश्र ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने स्वामी प्रसाद के बयान को रामचरितमानस का अपमान बताया है। कहा कि उनके इस बयान से पार्टी को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौर्य ने शायद रामचरितमानस नहीं पढ़ी है। पार्टी के अन्य कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर आपत्ति जताई है।
विज्ञापन

सपा में घुसे हैं आरएसएस के एजेंट: लौटन
भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी लौटन राम निषाद ने बिहार सरकार के शिक्षामंत्री प्रो. चंद्रशेखर और स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि सपा के अंदर आरएसएस के एजेंट घुसे हुए हैं, वही लोग विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें