रायबरेली। तमंचा मिलने के आरोप में बेटे के जेल भेजे जाने व सदमे में पिता की मौत हो जाने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को जमानत पर बेटे को जेल से रिहा कर दिया गया है। घटना से परिजन गमगीन हैं और उनका कहना है कि थानेदार और सिपाहियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
भदोखर के मोहम्मदपुर कुचरिया गांव निवासी अमरेश रैदास उर्फ पुत्तन (22) को भदोखर पुलिस ने 22 मार्च को आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया था। बेटे के जेल जाने के सदमे में पिता रामदेव की शुक्रवार शाम मौत हो गई थी। इससे गुस्साए परिजनों ने एसपी दफ्तर में किसान का शव रखकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मृतक किसान की पत्नी सोनी ने आरोप लगाया था कि 25 हजार रुपये न देने पर थानेदार और सिपाहियों ने उसके बेटे को जेल भेज दिया था। इससे उसके पति की मौत हो गई।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नवीन कुमार सिंह को सौंपी है। एसपी के निर्देश पर एएसपी ने जांच शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर दो बजे जमानत पर मृतक किसान के बेटे अमरेश को जेल से रिहा कर दिया गया। एसपी ने बताया कि रविवार को एएसपी जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।