फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News : 295 कछुओं समेत तस्कर को एसटीएफ ने दबोचा, चीन, हांगकांग भेजे जा रहे थे कछुए

Mon, 08 Aug 2022 02:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

आरोपी ने बताया कि लखीमपुर, बहराइच, गोंडा जैसे जिलों से इन कछुओं को पकड़कर इकट्ठा करता है। इसके बाद इन्हें ट्रेन से पश्चिम बंगाल ले जाता है। वहां से बांग्लादेश बॉर्डर पार करके इन कछुओं को म्यंमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया सहित कई देशों में बेचा जाता है।
विज्ञापन
कछुआ - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एसटीएफ ने रविवार को कानपुर हाईवे पर बंथरा इलाके के हनुमान मंदिर तिराहे से एक तस्कर को 295 कछुओं समेत दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि ये कछुए लखनऊ के रास्ते हांगकांग, चीन व मलेशिया भेजे जाते हैं। कछुओं को अलग-अलग जिलों से पकड़कर लाया गया था जिसे बांग्लादेश सीमा से बाहर भेजने की तैयारी थी।

विज्ञापन


डिप्टी एसपी एसटीएफ दीपक सिंह के मुताबिक, वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम के साथ कार्रवाई की गई है। कानपुर रोड पर बंथरा से उन्नाव निवासी वसीम को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से संरक्षित प्रजाति के 295 जिंदा कछुए बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लखीमपुर, बहराइच, गोंडा जैसे जिलों से इन कछुओं को पकड़कर इकट्ठा करता है। ये कछुए यमुना, चंबल, गंगा, गोमती, घाघरा व गंडक नदी में पाए जाते हैं। इसके बाद इन्हें ट्रेन से पश्चिम बंगाल ले जाता है। वहां से बांग्लादेश बॉर्डर पार करके इन कछुओं को म्यंमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया सहित कई देशों में बेचा जाता है।

शक्तिवर्धक दवाओं के लिए होता है प्रयोग
डिप्टी एसपी दीपक सिंह के मुताबिक, भारत में कछुओं की 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियां  प्रदेश में पाई जाती हैं। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। जीवित कछुओं के मांस या उन्हें पालने के लिए तस्करी होती है। लेकिन कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखाकर शक्तिवर्धक दवा के लिए इनकी तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें