रायबरली। जिले में सरकारी कार्यालयों और आवासों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के घर मीटर लगने शुरू हो गए हैं। शहर में 54 हजार उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगेंगे। 15 अक्तूबर के बाद ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के घर मीटर लगेंगे।
जिले में करीब पांच लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। हर घर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया एक साल से चल रही है, लेकिन अब इसकी रफ्तार तेज हो रही है। अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि सिविल लाइंस फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए जा रहे हैं। 15 अक्तूबर के बाद देहात क्षेत्र के उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए जाएंगे।
स्मार्ट मीटर से मिलेंगी सहूलियतें
- उपभोक्ताओं को गलत बिल से राहत।
- हर महीने रीडिंग लेने का झंझट खत्म।
- बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज या लेट फीस से छुटकारा।
- उपभोक्ता पर भारी बकाया होने जैसी समस्या से राहत।
-घर बैठकर मीटर को रीचार्ज करने की सुविधा मिलेगी।
-बजट के हिसाब से उपभोक्ता बिजली खर्च पर स्वयं नियंत्रण कर सकेंगे।
-बिजली फॉल्ट और सप्लाई बाधित होने की तुरंत जानकारी होगी।
बिल संशोधन का खत्म होगा झंझट
अधीक्षण अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं निस्तारित करने और राजस्व वसूली में पूरा महकमा लगा रहता। सुबह से शाम तक काम से अभियंताओं को फुरसत नहीं मिलती है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल संशोधन का झंझट खत्म होगा। लोगों की कम समस्याएं आएंगी। अभियंताओं को बिजली व्यवस्था को बेहतर करने के लिए भरपूर समय मिलेगा। इससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से नहीं जूझना पड़ेगा।