लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने यूजीसी के निर्देश के क्रम में कार्य परिषद की हरी झंडी के बाद अपने यहां भी शोधार्थियों की शोध जमा करने की समय सीमा छह महीने बढ़ा दी है। रजिस्ट्रार संजय मेधावी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में एक दिसंबर 2021 को शोध ग्रंथ जमा करने की तिथि 30 जून तक बढ़ाई गई थी। जिसे फिर से छह महीने के लिए विस्तार दे दिया गया है। यह छूट शोधार्थियों के शोध कार्य और पर्यवेक्षक व विभागाध्यक्ष की संस्तुति पर किया जाएगा। उन्होंने इसकी सूचना सभी हेड व समन्वयकों को भेजी है।
लविवि : कई शिक्षकों को नई जिम्मेदारी
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को कई शिक्षकों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। रजिस्ट्रार संजय मेधावी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जुलॉजी विभाग की प्रो. शैली मलिक को डॉ. गिरीलाल गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड पब्लिक अफेयर्स का निदेशक तीन साल के लिए नियुक्त किया है। वहीं केमेस्ट्री विभाग के डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ फूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी का निदेशक तीन साल के लिए नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में लॉ विभाग के डॉ. वरुण छाछर को डॉ. शंकर दयाल शर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी का निदेशक तीन साल के लिए नियुक्त किया है।