लखनऊ। मोहनलालगंज क्षेत्र के मऊ गांव में 16 दिनों में छह लोगों की मौत से दहशत का माहौल है। इसकी वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से मृतकों के सांस फूलने की शिकायत करते हुए सैंपल लेने की बात कही। हालांकि, टीम ने लापरवाही बरतते हुए उनकी बात नहीं सुनी और सिर्फ बयान लेकर लौट गई। इस पर ग्रामीणों ने कोरोना की आशंका जताते हुए सीएमओ से शिकायत की। मामला जिला मुख्यालय पहुंचा तो देर रात स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और मृतकों के 25 परिवारीजनों के सैंपल लिए। जानकारी अनुसार मरने वाले सभी छह लोगों की उम्र 50 वर्ष से अधिक थी। इनका अंतिम संस्कार करनेे के साथ स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि मरने वालों में चार ऐसे हैं, जो आपस में घुले-मिले थे और साथ ही खेतों में काम करने जाते थे। लोगों को कोरोना से ये मौतें होने की आशंका है। इससे सहमे ग्रामीणों ने सीएचसी अधीक्षक ज्योति कांबले को मामले की जानकारी दी। बरती गई घोर लापरवाही ग्रामीणों ने बताया कि सीएससी अधीक्षक के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों के बयान लिए। इस दौरान दो की हार्ट अटैक से मौत के अलावा बाकियों की जान जाने का कारण जॉन्डिस, हाइपर टेंशन, अत्यधिक कमजोरी, क्रोनिक डायबिटिक एंड मेनिनजाइटिस बताया गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने मृतकों के सांस फूलने की शिकायत की, लेकिन टीम ने इसे अनसुना कर जांच तक नहीं की। इस पर ग्रामीणों ने सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल को जानकारी दी। उनके हस्तक्षेप पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुपरवाइजर आरसी शुक्ला, घनश्याम, शैलेश, विशाल चौधरी आदि गांव पहुंचे और 25 लोगों के सैंपल लिए। इनकी गई थी जान गांव में पहली मौत पांच अप्रैल को विष्णु (55) की हुई। फिर आठ अप्रैल को रफीक (60), 16 अप्रैल को रमेश (45), 19 अप्रैल को राम औतार की पत्नी (65), 20 अप्रैल को ननकू कहार (52) व मुहम्मद कमर (70) की मौत हुई। कोरोना जांच का आदेश सीएचसी अधीक्षक की जांच में सिर्फ बयान लेकर वापस जाने की शिकायत ग्रामीणों ने सीएमओ से की। सीएचसी अधीक्षक व स्वास्थ्यकर्मियों की इस लापरवाही पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। अधीक्षक को फटकार लगाते हुए कहा कि मृतकों के परिवारीजनों व पड़ोसियों की कोरोना की जांच कराई जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।