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Lucknow News: रेलवे ठेकेदार हत्याकांड के आरोपी की यारी पड़ी भारी, क्राइम ब्रांच का सिपाही जुबैर सस्पेंड

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आयुष्मान पांडेय
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रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र ठाकुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी फिरदौस के सरेंडर में क्राइम ब्रांच के मुख्य आरक्षी जुबैर अहमद का संपर्क पाया गया है।
साथ ही एसटीएफ के एक सीओ भी संदेह के घेरे में हैं। फिलहाल 27 दिसंबर को मुख्य आरक्षी जुबैर अहमद को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच एसीपी क्राइम को सौंपी गई है।
कैंट के निलमथा में बिहार के हिस्ट्रीशीटर व रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र ठाकुर की हत्या का मुख्य आरोपी बिहार के शिकारपुर स्थित बरवा बरौली निवासी फिरदौस उर्फ शादाब अख्तर ने 15 दिसंबर को गुडंबा में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में सरेंडर कर दिया था।
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छह महीने तक फिरदौस की तलाश में लगी पुलिस ताकती रह गई थी। सरेंडर के बाद मामले की जांच की गई तो मुख्य आरक्षी जुबैर अहमद की संलिप्तता पाई गई।
इसके बाद 27 दिसंबर को आरक्षी को सस्पेंड कर दिया गया। सूत्र यह भी बताते हैं कि जांच में एसटीएफ के एक सीओ का नाम भी सामने आ रहा है।
ऐसे में किसकी-किसकी भूमिका संदिग्ध है। उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस सूत्र यह भी बताते हैं कि फिरदौस के सरेंडर में कई बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।
वांछितों व उनके परिजनों से संपर्क का आरोप
पुलिस सूत्र के मुताबिक, मुख्य आरक्षी जुबैर पर क्राइम ब्रांच की गोपनीय सूचनाओं को लीक करने का आरोप था। साथ ही वांछित अपराधियों के परिवार वालों से संपर्क में रहता था। इसके चलते सस्पेंड कर दिया गया। मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
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ऐसे किया था सरेंडर
15 दिसंबर को फिरदौस ने गुडंबा में दर्ज आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में कोर्ट में सरेंडर किया था। फिरदौस 2018 में इंटीग्रल विश्वविद्यालय से पढ़ा हुआ था। उसी दौरान गुडंबा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। कैंट के निलमथा में वीरेंद्र ठाकुर की हत्या के आरोप में अब तक तीन बदमाश कासिफ, फैजल, मुन्ना और बिट्टू जायसवाल को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। पुलिस अभी प्रियंका और तौहीद की तलाश कर रही है।
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