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Lucknow News: कैशलेस इलाज को झटका, दवाओं की खरीद रोकी

Sun, 22 Sep 2024 05:04 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मरीजों को शनिवार को बड़ा झटका लगा। जिला अस्पताल के सीएमएस ने डायलिसिस के मरीजों के लिए दवा खरीदने से इंकार कर दिया। कहा-मेरे अस्पताल में नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर नहीं हैं। एसजीपीजीआई या अन्य अस्पतालों के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टरों की लिखी दवाएं कैशलेस मरीजों के लिए नहीं खरीदेंगे। दवा न मिलने के कारण मरीजों को भटकना पड़ा।
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जिला अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। कैशलेस योजना के लाभार्थियों को अस्पताल की ओर से अब तक डायलिसिस के साथ दवाएं भी दी जा रही थी। प्रत्येक डायलिसिस का 1500 रुपये के हिसाब से जिला अस्पताल को योजना के तहत भुगतान भी होता है।

शनिवार को जन आरोग्य योजना के लाभार्थी रानी, अनिल, दिलीप, कलावती, अब्दुल मजीद जिला अस्पताल में डायलिसिस कराने के लिए पहुंचे। सेंटर से प्रक्रिया पूरी कराकर चिकित्सक के पास दवा लिखाने के लिए पहुंचे तो डॉक्टर ने दवा लिखने से इंकार कर दिया। कहा कि सीएमएस ने मना किया है। सीएमएस के आदेश के बाद ही दवा लिखेंगे।
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योजना के तहत दवाएं न मिलने पर नाराज मरीजों के तीमारदारों ने इधर-उधर भागदौड़ की। सीएमएस से भी मिले, लेकिन उन्होंने दवा लिखने से इंकार कर दिया। ऐसे में मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ीं।


नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह पर ही खानी होती है दवा
डायलिसिस के स्टेज पर पहुंच चुके मरीजों को नेफ्रोलॉजिस्ट की सलाह पर ही दवाएं खानी है। जन आरोग्य योजना के तहत प्रत्येक डायलिसिस पर जिला अस्पताल को 1500 रुपये सरकार से दिए जाते हैं। इसी बजट से उन्हें योजना से जुड़े मरीजों के लिए दवाओं की व्यवस्था करानी होती है। हालांकि कॉर्पोरेशन से ये दवाएं नहीं मिलती हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल प्रशासन को लोकल परचेज के माध्यम से मरीजों को ये दवाएं मुहैया करानी होती हैं।


सीएमएस ने दवा लिखने से रोका : डॉ. अशोक
डायलिसिस कराने के लिए आने वाले मरीजों को आयुष्मान भारत योजना के तहत फ्री दवा मुहैया कराने के लिए दवाएं लिखने वाले जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अशोक वर्मा ने कहा कि वे नेफ्रोलॉजिस्ट नहीं हैं। सीएमएस ने पीजीआई या अन्य अस्पतालों के नेफ्रोलॉजिस्ट की दवा न देने का आदेश दिया है। पूर्व में सीएमएस ने नहीं रोका था, इसलिए योजना के लाभार्थियों को लोकल परचेज से दवाएं मंगवाकर दी जाती थी।


नेफ्रोलॉजिस्ट की लिखी दवा की नहीं होगी खरीद : सीएमएस
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में नेफ्रोलॉजिस्टों द्वारा लिखी गई दवा जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों को खरीदकर देना गलत था। हमारे अस्पताल में नेफ्रोलॉजिस्ट नहीं हैं, इसलिए बाजार से लिखी दवाएं लोकल परचेज से मंगवाकर नहीं दी जाएंगी। डायलिसिस के लिए हम सारी दवाएं मुहैया करा रहे हैं। डॉ. अशोक नेफ्रोलॉजिस्ट नहीं है, इसलिए उन्हें दवा लिखने से रोका गया है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों को कैशलेस डायलिसिस की सुविधा सरकार ने दी है। नेफ्रोलॉजिस्ट चिकित्सक द्वारा लिखी दवा मरीजों को देनी है। जिला अस्पताल में भी ऐसे मरीजों को दवाओं की व्यवस्था कराना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
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- डॉ. जीपी गुप्ता, उप निदेशक (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) लखनऊ
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