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डूबने से हुई थी केजीएमयू नर्सिंग छात्रा की मौत

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लखनऊ। केजीएमयू से नर्सिंग अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही शिवाली श्रीवास्तव की मौत पानी में डूबने से हुई थी। शनिवार को कोरोना जांच के बाद हुए पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई। चौक के एसीपी दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि मृतका की स्लाइड जांच के लिए सुरक्षित रखी गई है। उधर, छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल से तीन ऐसे नंबर मिले हैं। इस नंबर से छात्रा के नंबर पर कई कॉल आई हैं और छात्रा ने खुद भी कई कॉल की हैं। पुलिस प्रेम प्रसंग के चलते छात्रा के खुदकुशी करने की आशंका जता रही है। इस बारे में परिवारीजनों ने किसी भी तरह की बातचीत से साफ इनकार किया है। एसीपी ने बताया कि छात्रा बृहस्पतिवार रात करीब 11.30 बजे तक मोबाइल फोन पर लूडो खेलती रही और व्हाट्सएप पर चैट करती रही थी। इस दौरान उसने परिवारीजनों के अलावा कई लोगों से बातचीत भी की। बातचीत में वह सामान्य लग रही थी। हालांकि, उसके दोस्तों ने पूछताछ में बताया कि शिवाली कुछ दिन से गुमसुम व उदास रहती थी। पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल रिकार्ड खंगाली तो तीन ऐसे नंबर मिले जिस पर दिन में कई बार बातचीत होती थी। इसमें से एक नंबर छात्रा के करीबी दोस्त का बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शायद छात्रा की अपने दोस्त से कुछ अनबन हो गई थी, इसलिए उसने खुदकुशी कर ली। मालूम हो कि पीजीआई के वृंदावन योजना निवासी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से सेवानिवृत उमेश चंद्र श्रीवास्तव की बेटी व केजीएमयू से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही शिवाली का शव शुक्रवार सुबह गोमती बैराज में उतराता पाया गया था। शिवाली बृहस्पतिवार सुबह घर से क्लास अटेंड करने की बात कहकर निकली थी। रात में हॉस्टल में अपनी सहेली के साथ रुकने की बात कहकर वह गायब हो गई। परिवारीजनों ने शुक्रवार सुबह उसकी कोई खबर न मिलने पर चौक कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। केस दर्ज होने के कुछ देर बाद ही शिवाली का शव नदी में मिला था। परिवारीजनों ने शिवाली की हत्या की आशंका जताई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। एसीपी ने बताया कि शिवाली की कोरोना जांच निगेटिव आई है। अन्य पहलुओं पर छानबीन की जा रही है।
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